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मानव इतिहास के कुछ रहस्य, जो आज तक सुलझाए नहीं गए

 मानव इतिहास के कुछ रहस्य जो कभी सुलझाए नहीं गए 


    गूढ़, रहस्य या गुप्त... ये शब्द अपने आप में ही अलग है, कई बातें हमारे जीवन में ऐसी होती हैं जो हम किसी को बताना नहीं चाहते या फिर चाहते हैं कि ये बातें बाकी दुनियां के लिए हुई ही नहीं... इन बातों के बाहर आ जाने से हमारे जीवन पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ सकता है... इसी प्रकार आम आदमी के अलग रहस्य होते हैं, खास आदमियों के खास रहस्य होते हैं... कई रहस्य सत्ता के होते हैं, सत्ता मिलते समय नेताओं को बाकायदा गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है... ये सब आम जन जीवन को चलाने के लिए या अपने हिसाब से चलाने के लिए होता है... 
बहुत सारी घटनाएं आज तक ऐसी हुईं हैं जो कभी सामने ही नहीं आई... आई भी तो आधी अधूरी... जिन्हे सुलझा पाना आज भी आसान नहीं है... कुछ रहस्य प्रकृति के हैं, जो नियमों के बिल्कुल विपरीत है...

पुनर्जन्म

    विज्ञान और इन्सान... दोनों के लिए पुनर्जन्म अपने पास में एक बहुत बड़ी पहेली है... इस ना तो झुठलाया जा सकता है और ना ही पुष्टि की जा सकती है... क्योंकि अगर झुठला देंगे तो सैकड़ों ऐसे लोग बैठे हैं जो अपने पुनर्जन्म की बात करते हैं, अपने पूर्व जन्म की सब घटनाएं बताते हैं जो कि सच्ची है... बड़े हों तो अलग बात है, छोटे छोटे बच्चे अपने पूर्व जन्म की बात बताते हैं... बच्चों को कोई कैसे झुठला सकता है...? दूसरी बात ये कि इनकी पुष्टि भी नहीं की जा सकती... क्योंकि विज्ञान और इन्सान को ठोस एविडेंस चाहिए... जो कि फिलहाल नहीं है... कुछ घटनाएं जो पुनर्जन्म से संबंधित है...
  राहुल उर्फ धनराज  बात है 1996 की... हरियाणा के पलवल डिस्ट्रिक्ट के बासवा गांव की...  इस गांव के धनराज की चंडीगढ़ में किसी हादसे में मौत हो जाती है... धनराज के चार बेटियां और एक बेटा है... इस दुखद हादसे के दस वर्ष बाद बासवा गांव से 12 किलोमीटर दूर स्थित गढ़ी पट्टी होडल गांव में एक बच्चे का जन्म होता है... जिसका नाम राकेश है... राकेश जब बोलना शुरू करता है तो वो अपने पूर्व जन्म की ही बात करता है... अपने मम्मी पापा से कहता है कि ये घर मेरा नहीं है, मैं आपका नहीं हूं, मेरा घर बासवा में है, मेरे बच्चे हैं, मेरी बीवी है... मेरा परिवार है... उसकी ये बातें सुनकर परिवार इसे बच्चे की नादानी समझकर हंसी में टाल देते हैं... बार बार बच्चे के दोहराने से बच्चे के माता पिता उसे उस गांव में लेकर जाते हैं... गांव में बच्चा उस घर तक, जिििििि  अपने आप ही चला जाता है और परिवार में सबके नाम बता देता है, चार बच्चों, उनकी मां, अपने भाई, चाचा ताऊ, धनराज के दोस्त... कई बातें जो सिर्फ धनराज को ही मालूम थी... वो बताता है... धनराज किसमे कितने रुपए मांगता था, कौन धनराज में मांगता था... वो सब कुछ बताता है जो धनराज और उसके परिवार के अलावा किसी और को मालूम नहीं था...! यहां तक कि धनराज की मां की मृत्यु भी राकेश से मिलने के बाद ही होती है... धनराज की मां ने मरने से पहले राकेश उर्फ धनराज से मिलने की इच्छा जताई और राकेश से मिलने के बाद ही प्राण त्यागे... धनराज उर्फ राकेश ये भी बताता है कि राकेश से के रूप में जन्म लेने से पहले उसने भूत योनि और एक पक्षी की योनि भी पूरी की...! ये सब कैसे संभव है कि कई वर्ष पहले मर चुके एक युवक के परिवार, उसके जीवन, उसके व्यक्तिगत दोस्तों के नाम आदि सबकुछ एक छोटे से बच्चे को मालूम हो...?  राकेश ये भी बताता है कि पूर्व जन्म में मेरी यानी धनराज की... मौत मेरे दोस्त द्वारा ट्रैक्टर से धक्का देकर नीचे गिरा देने से होती है... जब दोस्त धनराज को धक्का देकर नीचे गिरा देता है तब पीछे से आ रहे एक ट्रक द्वारा कुचलकर धनराज की मौत हो जाती है...! पुनर्जन्म एक रहस्य है... कोई सुलझा नहीं पाया है अब तक...! 

ऐसी ही बहुत सी कहानियां हैं, भूटान का एक राजकुमार भी अपने आप को पूर्व जन्म में नालंदा का विद्यार्थी बताता है, राजकुमार बताता है कि जब वो नालंदा में विद्यार्जन कर रहा था तब इस विद्यालय पर आक्रमण हो जाता है और विद्यालय को जला दिया जाता है... इसमें उसकी भी मौत हो जाती है... ये बात सत्य है कि नालंदा विश्वविद्यालय को जलाया गया था, लेकिन एक छोटे से बच्चे को कैसे मालूम...? वो 800 साल बाद जन्म लेने की बात कहता है...! अनेक कहानियां हैं, पुनर्जन्म की... लेकिन ये संभव कैसे हैं...? कोई नहीं जानता...!

एरिया-51

 सूदूर कैलिफोर्निया में एडवर्ड्स एयरबेस द्वारा संचालित, दक्षिणी नेवादा के पास ग्रूम झील के नजदीक "एरिया 51" नाम से एक जगह है... जो अमेरिकी वायु सेना का एक एयर बेस है... ये जगह अमेरिका ही नहीं पूरे विश्व के लिए मिस्ट्री है... आम आदमी को यहां नजदीक भी जाने की अनुमति नहीं है... इस एरिया 51 में बहुत ही असामान्य गतिविधियां होती हुई देखी जाती रही हैं...!


       अमेरिका के 1980 में यहां काम कर चुके एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि सरकार यहां एलियन विमानों का परीक्षण करती है और उन्हें रिपेयर करती है...जिसे सरकार ने बाद में खारिज कर दिया...! दावा ये भी किया जाता है कि इस रिमोट साइट पर एलियन को कैद करके रखा जाता है... यहां के स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्होंने कई बार अजीब अजीब हवाई गतिविधियां होती हुई देखी हैं, जो आमतौर पर संभव ही नहीं है... यहां UFO टाइप के विमान भी देखे जाते रहे हैं... विचार कीजिए कि अमेरिका ने सिर्फ पिछले दो दशकों में एकदम से टेक्नोलॉजी में इतनी तरक्की कैसे कर ली, संचार तकनीक हो, एयरक्राफ्ट हो, चिकित्सा में हो, अंतरिक्ष के क्षेत्र में हो.... हर जगह अमेरिका बाकी दुनियां से चार कदम आगे है... कैसे संभव है...? दावा किया जाता है कि अमेरिका के परग्रही दुनियां से संबंध है... वरना इतना जल्दी ये सब नहीं हो पाता...! ये भू इन सबमें एरिया 51 की बहुत बड़ी भूमिका है...! एरिया 51 आधुनिक दुनियां का सबसे बड़ा रहस्य है...!

दक्षिण भारत के मंदिर

   यूं तो भारत में अनेक मंदिर हैं, दक्षिण भारत के प्राचीन मंदिर कुछ अलग है, इन मंदिरों का आर्किटेक्चर ही अपने आप में रहस्य है... दक्षिण भारत के मंदिर कुछ इस तकनीक से बनाए गए हैं जो आधुनिक युग की मशीनों से बनाना संभव नहीं है... हम्पी के मंदिर तो जैसे आज ही बनाए हुए लगते हैं... इनपर की गई नक्काशी, पत्थरों पर की गई कारीगरी, मूर्तियों की जीवंतता... ऐसा लगता है जैसे ये मंदिर इस आधुनिक युग की मशीनों से बनाए गए हैं... इन सबमें केरल का पद्मनाभ स्वामी मंदिर सबसे बड़े रहस्य को छिपाए हुए है... ये मंदिर सबसे धनी मंदिरों में से एक है... इस मंदिर का रहस्य इसका आर्किटेक्चर नहीं है, उसका आश्चर्य इस मंदिर के नीचे स्थित 6 अलग अलग कमरे और उनके दरवाजे हैं... 5 कमरों के दरवाजे तो खोल लिए गए हैं... उनमें बहुत सारा खजाना मिला, सोना चांदी, हीरे वगेरह... लेकिन छठा दरवाजा आज तक कोई खोल नहीं पाया है... भारत की सबसे बड़ी अदालत की निगरानी में... एक आयोग का गठन किया गया, इस आयोग ने पांच दरवाजे तो कानूनी रूप से खोल लिए... लेकिन जब छठे दरवाजे को खोलने की बारी आई तो ये आयोग दरवाजा खोलने के लिए आगे बढ़ा... जब ये लोग उस दरवाजे के पास खोलने के लिए गए तो उन्होंने ऐसा कुछ देखा... कि इनकी उस दरवाजे को खोलने की हिम्मत ही नहीं हुई... सब कुछ छोड़कर ये टीम वापस दिल्ली आ गई... अब सवाल ये है कि इस टीम ने मंदिर के तहखाने का वो छठा दरवाजा क्यों नहीं खोला, उन्होंने ऐसा क्या देखा कि ये उस दरवाजे के नजदीक ही नहीं जा पाए... इनको किसने रोका...?? ये बहुत बड़े सवाल हैं, जिनका जवाब किसी आम आदमी के पास नहीं...! इस पद्मनाभ स्वामी मंदिर की तरह ही सैकड़ों दक्षिण भारतीय मंदिर हैं जो अत्यंत रहस्यमय है, जिनको सुलझाना मानव जाति के लिए बहुत मुश्किल है...!
इसी प्रकार सुभाष चन्द्र बोस की मृत्यु, लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की हत्या, कोरोना महामारी की उत्पति... अश्वत्थामा का जीवित होना... आदि हजारों ऐसे रहस्य हैं जो कभी सुलझाए नहीं जा सकेंगे...! 

 हम इस तरह के और रहस्य लेकर आने वाले हैं... इस आर्टिकल के अगले भाग में... आप हमारे साथ बने रहिए... इसे ये आर्टिकल आपको कैसा लगा, जरूर बताइए... कोई सुझाव या शिकायत है तो कमेंट करके जरूर बताइए...

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